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दिल्ली वायु प्रदूषण लाइव: पराली जलाने पर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा

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भारतीय बीमा और वित्तीय एग्रीगेटर पॉलिसीबाजार की एक रिपोर्ट में बताया गया है कि प्रदूषण से जुड़ी बीमारियाँ अब कुल दावों का 8% से अधिक है, जो हर साल दीपावली के बाद के हफ्तों में तेजी से बढ़ती है, जिसमें बताया गया है कि वायु प्रदूषण एक पर्यावरणीय संकट से स्वास्थ्य आपातकाल में कैसे बदल गया है।

रिपोर्ट में पाया गया कि दावे वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों से जुड़े थे – श्वसन संक्रमण और हृदय संबंधी जटिलताओं से लेकर त्वचा और आंखों की एलर्जी तक। दावों के आंकड़ों से पता चलता है कि वायु प्रदूषण सिर्फ श्वसन तंत्र ही नहीं, बल्कि कई अंग प्रणालियों को भी प्रभावित करता है। बारंबार दावा श्रेणियों में अस्थमा, सीओपीडी, अतालता, उच्च रक्तचाप, एक्जिमा, नेत्रश्लेष्मलाशोथ, गर्भावस्था जटिलताएँ और एलर्जी/साइनसाइटिस शामिल हैं।

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गंभीर श्वसन और हृदय संबंधी मामलों में इलाज की लागत 11% बढ़ जाती है: रिपोर्ट

पॉलिसीबाजार की एक रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि प्रदूषण से संबंधित बीमारियाँ बढ़ रही हैं, उपचार की लागत 11% बढ़ रही है, विशेष रूप से बच्चे प्रभावित हो रहे हैं।



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