
केएस ईश्वरप्पा | फोटो साभार: फाइल फोटो
पूर्व उपमुख्यमंत्री केएस ईश्वरप्पा ने राज्यपाल से राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों द्वारा पारित नफरत भरे भाषण पर विधेयक को मंजूरी नहीं देने का आग्रह किया है।
सोमवार, 22 दिसंबर को यहां एक संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार द्वारा पेश किया गया विधेयक आम लोगों के अधिकारों को छीन लेगा।
इसके निहितार्थ आपातकाल की घोषणा से कहीं अधिक गंभीर होंगे। उन्होंने आरोप लगाया, “कांग्रेस ने पहले आपातकाल की घोषणा करके अभिव्यक्ति के अधिकार से इनकार कर दिया था और कई राष्ट्रीय नेताओं को सलाखों के पीछे डाल दिया था। कांग्रेस पूरे राज्य को जेल में बदलने की कोशिश कर रही है।”
उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केवल हिंदू समर्थक नेताओं और संगठनों को निशाना बनाने के उद्देश्य से विधेयक लायी है। उन्होंने कहा, ”हम विधेयक के खिलाफ लड़ेंगे।”
इसके अलावा, उन्होंने आगाह किया कि भविष्य में कांग्रेस की हार के बाद उसके कार्यकर्ताओं को उनके द्वारा लाए गए कानून के कारण जेल की सजा हो सकती है।
प्रकाशित – 22 दिसंबर, 2025 06:23 अपराह्न IST


